मध्य प्रदेश

केके मिश्रा ने की इलेक्शन कमीशन से चीफ सेक्रेटरी को हटाने गुजारिश

केके मिश्रा ने की इलेक्शन कमीशन से चीफ सेक्रेटरी को हटाने गुजारिश, आयोग के नियमों का दिया हवाला कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने भारत निर्वाचन आयोग से मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस को हटाने के लिए मांग की है। इसे लेकर ट्वीट करते हुए उन्होने कहा है कि उनके रहते मध्य प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते है। बैंस के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ करीबी संबंधों का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता ने इलेक्शन कमीशन से उन्हें जल्द से जल्द हटाए जाने की गुजारिश की है। केके मिश्रा का ट्वीट अपने ट्वीट में केके मिश्रा ने कहा है कि : “मध्यप्रदेश में निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ चुनाव कराने के लिए दो बार से एक्सटेंशन लेकर बैठे मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस को निर्वाचन आयोग, भारत सरकार को तत्काल प्रभाव से अपने पद से हटाना चाहिए। इनके रहते निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकेंगे| भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा 2 जून 2023 को विधानसभा चुनाव के दिशा निर्देशों को लेकर लिखे पत्र के सातवें बिंदु में स्पष्ट तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि चुनाव संबन्धी कार्यों में संविदा या एक्सटेन्शन वाले किसी भी अधिकारी कर्मचारी को नहीं लगाया जाये। बैंस सीएम शिवराज सिंह चौहान जी के बेहद करीबी अधिकारी हैं और उनके साथ लगातार कई वर्षों से काम कर रहें हैं। वे मुख्यमंत्री जी के सचिव और प्रमुख सचिव भी रहें हैं। बैंस प्रदेश के जिलों के कलेक्टर की गोपनीय चरित्रावली यानी CR भी लिखेंगे। इस वज़ह से वे कलेक्टर्स बैंस के इशारे पर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में ही काम करेंगे। बैंस के इशारे पर काम नहीं करने के कारण वे कई IAS अधिकारियों की सीआर खराब करने के कई उदाहरण सामने आ चुके हैं! भाजपा के पक्ष में काम नहीं करने पर वे कलेक्टरों की CR खराब कर देंगे| इस बात की पूरी आशंका है| सरकार द्वारा य़ह भी पक्ष दिया जाता रहा है कि मुख्य सचिव की विधानसभा चुनाव में कोई भूमिका नहीं होती है लेकिन यदि उनकी भूमिका नहीं होती तो भारत निर्वाचन आयोग प्रदेश सरकार के साथ होने वाले सारे पत्राचार मुख्य सचिव के साथ नहीं करता। “मौजूदा मुख्य सचिव ने अपने बेटे अमनबीर सिंह को भी बैतूल जिले का कलेक्टर लगभग पौने तीन साल से बनाया हुआ है। उन्हें भी तत्काल जिले से हटाया जाना चाहिए,ताकि आयोग की मंशा के अनुरूप निष्पक्ष और निर्भीक मतदान हो सके।” नेता प्रतिपक्ष ने भी की थी ये मांग इसी साल अगस्त में नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने भी निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर मुख्य सचिव पद पर नियमित नियुक्ति की मांग करते हुए इकबाल सिंह बैस की सेवावृद्धि को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होने कहा था कि मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैस के रहते मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव पूर्ण ईमानदारी एवं निष्पक्षता से संपन्न होंगे, यह यक्ष प्रश्न है ? इसी के साथ उन्हें तत्काल पद से हटाकर अन्य किसी अधिकारी को नियमित मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त करने का अनुरोध किया था। अब एक बार फिर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने निर्वाचन आयोग से प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए इकबाल सिंह बैस को हटाने की मांग की है।

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